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गोपाल जी मेमोरियल स्कूल

रेओती, बलिया (उ.प्र.) · सीबीएसई से संबद्ध · www.gjms.edu.in
आदर्श प्रश्नपत्र · सत्र 2026-27
हिंदी — कक्षा IX · स्तर R1
समय: 3 घंटेपूर्णांक: 80
सामान्य निर्देश:
  1. इस प्रश्नपत्र में चार खंड हैं — क (अपठित बोध 14), ख (व्यावहारिक व्याकरण 16), ग (पाठ्यपुस्तक 30), घ (रचनात्मक लेखन 20)। शेष 20 अंक आंतरिक मूल्यांकन के हैं।
  2. सभी प्रश्न अनिवार्य हैं। यथासंभव क्रम से उत्तर लिखिए।
  3. जहाँ अथवा दिया गया है वहाँ किसी एक विकल्प का उत्तर दीजिए।
  4. शब्द-सीमा का ध्यान रखिए।
  5. खंड-ग पाठ्यपुस्तक (नई NCF-2023 आधारित NCERT हिंदी पुस्तक) पर आधारित है।
शिक्षक हेतु सूचना: खंड क, ख और घ पूर्णतः प्रयोग-योग्य हैं। खंड-ग के काव्यांश/गद्यांश उदाहरण-स्वरूप हैं — इन्हें अपनी निर्धारित नई हिंदी पाठ्यपुस्तक के पाठों से बदल दीजिए; प्रश्न-प्रारूप एवं अंक-विभाजन 2026-27 के R1 प्रारूप के अनुसार हैं।

खंड क — अपठित बोध 14 अंक

1.7 निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए—

समय सबसे बड़ा शिक्षक है, पर यह किसी की प्रतीक्षा नहीं करता। जो व्यक्ति समय के मूल्य को समझ लेता है, वह जीवन में कभी पीछे नहीं रहता। परिश्रम और अनुशासन ही सफलता की दो आधारशिलाएँ हैं। बहुत-से लोग प्रतिभाशाली होते हुए भी केवल इसलिए असफल रह जाते हैं क्योंकि वे आज का कार्य कल पर टालते रहते हैं। इसके विपरीत, सामान्य योग्यता वाला व्यक्ति भी यदि नियमित परिश्रम करे तो असाधारण परिणाम प्राप्त कर सकता है। अतः हमें प्रतिदिन के छोटे-छोटे प्रयासों का महत्त्व समझना चाहिए, क्योंकि यही प्रयास मिलकर बड़ी उपलब्धियों का रूप ले लेते हैं।

  1. बहुविकल्पीय — 'समय' को क्यों सबसे बड़ा शिक्षक कहा गया है? (i) वह धन देता है (ii) वह किसी की प्रतीक्षा नहीं करता और अनुभव सिखाता है (iii) वह प्रतिभा देता है (iv) वह विश्राम देता है (1)
  2. बहुविकल्पीय — सफलता की दो आधारशिलाएँ कौन-सी हैं? (1)
  3. बहुविकल्पीय — प्रतिभाशाली लोग प्रायः क्यों असफल रह जाते हैं? (1)
  4. छोटे-छोटे प्रयासों का क्या महत्त्व बताया गया है? (2)
  5. गद्यांश का उपयुक्त शीर्षक दीजिए। (2)
2.7 निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर उत्तर दीजिए—

रुक मत, थक मत, राह कठिन है,
पर मंज़िल तेरी दूर नहीं;
जो चलते हैं, वे ही पाते,
बैठे रहने में सुख नहीं।
काँटों से जो नहीं डरे हैं,
फूल उन्हीं के आँगन में।

  1. बहुविकल्पीय — कवि हमें क्या करने की प्रेरणा देता है? (1)
  2. बहुविकल्पीय — 'बैठे रहने में सुख नहीं' का आशय क्या है? (1)
  3. बहुविकल्पीय — फूल किसके आँगन में खिलते हैं? (1)
  4. 'काँटों से जो नहीं डरे' पंक्ति का भावार्थ लिखिए। (2)
  5. काव्यांश का केंद्रीय भाव अपने शब्दों में लिखिए। (2)

खंड ख — व्यावहारिक व्याकरण 16 अंक

कुल 20 प्रश्न दिए गए हैं; किन्हीं 16 के उत्तर दीजिए।
3.4 शब्द-निर्माण — किन्हीं चार के उत्तर दीजिए।
  1. 'प्र' उपसर्ग से दो शब्द बनाइए। (1)
  2. 'अनु' उपसर्ग से दो शब्द बनाइए। (1)
  3. 'ता' प्रत्यय से दो शब्द बनाइए। (1)
  4. 'वान' प्रत्यय से दो शब्द बनाइए। (1)
  5. 'अपमान' शब्द में उपसर्ग छाँटिए। (1)
4.4 संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण, क्रिया — किन्हीं चार वाक्यों में रेखांकित शब्द का भेद बताइए।
  1. दिल्ली भारत की राजधानी है। (1)
  2. वह प्रतिदिन विद्यालय जाता है। (1)
  3. यह सुंदर चित्र है। (1)
  4. बच्चे मैदान में खेल रहे हैं। (1)
  5. राम ने तीन पुस्तकें खरीदीं। (1)
5.4 अर्थ की दृष्टि से वाक्य-भेद — किन्हीं चार वाक्यों के भेद लिखिए।
  1. क्या तुमने अपना कार्य पूरा कर लिया? (1)
  2. ईश्वर तुम्हें सदा सुखी रखे! (1)
  3. बाहर वर्षा हो रही है। (1)
  4. कृपया शांत रहिए। (1)
  5. काश! मैं पक्षी होता। (1)
6.4 अलंकार (शब्दालंकार: अनुप्रास, यमक, श्लेष) — किन्हीं चार पंक्तियों में अलंकार पहचानिए।
  1. चारु चंद्र की चंचल किरणें। (1)
  2. कनक कनक ते सौ गुनी, मादकता अधिकाय। (1)
  3. रहिमन पानी राखिए, बिन पानी सब सून। (1)
  4. तरनि-तनूजा तट तमाल तरुवर बहु छाए। (1)
  5. मुदित महीपति मंदिर आए। (1)

खंड ग — पाठ्यपुस्तक 30 अंक

नीचे के गद्यांश/काव्यांश उदाहरण-स्वरूप हैं; वास्तविक परीक्षा में इन्हें निर्धारित नई पाठ्यपुस्तक के पाठों से लीजिए।
7.7 निम्नलिखित पठित गद्यांश को पढ़कर उत्तर दीजिए—

गाँव के उस बूढ़े बरगद ने न जाने कितनी पीढ़ियों को अपनी छाया दी थी। उसकी जड़ें धरती में उतनी ही गहरी थीं जितनी उसकी शाखाएँ आकाश में फैली थीं। लोग कहते थे कि जो पेड़ दूसरों को छाया देता है, वह स्वयं धूप में खड़ा रहता है।

  1. बरगद ने किसे छाया दी थी? (2)
  2. 'जड़ें उतनी ही गहरी थीं जितनी शाखाएँ ऊँची' — इसका आशय स्पष्ट कीजिए। (3)
  3. अंतिम पंक्ति से क्या जीवन-संदेश मिलता है? (2)
8.7 निम्नलिखित पठित काव्यांश की व्याख्या कीजिए एवं प्रश्नों के उत्तर दीजिए—

जो बीत गई सो बात गई,
जीवन में एक सितारा था,
माना वह बेहद प्यारा था,
वह डूब गया तो डूब गया।

  1. कवि किस बात को भुला देने की प्रेरणा देता है? (2)
  2. 'सितारा' किसका प्रतीक है? (2)
  3. काव्यांश का मूल भाव लिखिए। (3)
9.8 किन्हीं चार प्रश्नों के उत्तर 25-30 शब्दों में लिखिए (पाठ्यपुस्तक के गद्य/पद्य पाठों पर आधारित)।
  1. निर्धारित गद्य पाठ के मुख्य पात्र के चरित्र की दो विशेषताएँ लिखिए। (2)
  2. निर्धारित पाठ से मिलने वाली कोई एक सीख बताइए। (2)
  3. किसी एक कविता का शीर्षक क्यों उपयुक्त है? (2)
  4. निर्धारित पाठ की कोई एक घटना जो आपको प्रभावित करती है। (2)
  5. कवि/लेखक की भाषा-शैली पर टिप्पणी कीजिए। (2)
10.8 किसी एक प्रश्न का उत्तर 60-70 शब्दों में लिखिए।
  1. निर्धारित गद्य पाठ का सारांश एवं उसका मूल-संदेश अपने शब्दों में लिखिए।
  2. निर्धारित किसी एक कविता का भावार्थ लिखते हुए बताइए कि वह आज भी क्यों प्रासंगिक है।

खंड घ — रचनात्मक लेखन 20 अंक

11.5 किसी एक विषय पर लगभग 120 शब्दों में संकेत-बिंदुओं के आधार पर अनुच्छेद लिखिए।
  1. पर्यावरण-संरक्षण (संकेत: समस्या · कारण · हमारी भूमिका · उपाय)
  2. समय का सदुपयोग (संकेत: महत्त्व · दुरुपयोग की हानि · सुझाव)
  3. डिजिटल शिक्षा (संकेत: लाभ · चुनौतियाँ · संतुलन)
12.5 अपने विद्यालय के प्राचार्य को तीन दिन के अवकाश हेतु प्रार्थना-पत्र लिखिए।
अथवा
अपने मित्र को उसकी सफलता पर बधाई देते हुए अनौपचारिक पत्र (लगभग 100 शब्द) लिखिए।
13.5 दिए गए विषय पर लगभग 80 शब्दों में संवाद लिखिए — दो विद्यार्थियों के बीच परीक्षा की तैयारी पर बातचीत।
अथवा
एक ग्राहक और दुकानदार के बीच पुस्तक खरीदने संबंधी संवाद लिखिए।
14.5 विद्यालय की वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता के संबंध में लगभग 80 शब्दों में सूचना लिखिए (आप विद्यालय के खेल-सचिव हैं)।
अथवा
विद्यालय की 'हिंदी पखवाड़ा' गतिविधि हेतु विद्यार्थियों को सूचित करते हुए सूचना लिखिए।
— प्रश्नपत्र समाप्त —
अंक-योजनाशिक्षक हेतु

खंड क — अपठित बोध

1. (क) (ii) — 1; (ख) परिश्रम और अनुशासन — 1; (ग) आज का कार्य कल पर टालते हैं — 1; (घ) [2] छोटे-छोटे नियमित प्रयास मिलकर बड़ी उपलब्धियाँ बनते हैं; (ङ) [2] उपयुक्त शीर्षक जैसे 'समय और परिश्रम' / 'सफलता का मंत्र'।
2. (क) निरंतर आगे बढ़ने/परिश्रम की — 1; (ख) निष्क्रियता में संतोष/सफलता नहीं — 1; (ग) जो कठिनाइयों (काँटों) से नहीं डरते, उनके — 1; (घ) [2] संघर्ष से न घबराने वाला ही सफलता (फूल) पाता है; (ङ) [2] परिश्रम, साहस और निरंतरता का संदेश।

खंड ख — व्याकरण

3. उदा० प्र→प्रस्थान/प्रबल; अनु→अनुशासन/अनुसरण; ता→मधुरता/सुंदरता; वान→गुणवान/धनवान; अपमान→'अप' उपसर्ग। सही किन्हीं चार = 4।
4. (क) संज्ञा (व्यक्तिवाचक) (ख) सर्वनाम (ग) विशेषण (घ) क्रिया (ङ) विशेषण (संख्यावाचक)। किन्हीं चार = 4।
5. (क) प्रश्नवाचक (ख) इच्छावाचक/आशीर्वादात्मक (ग) विधानवाचक (घ) आज्ञावाचक (ङ) इच्छावाचक/विस्मयादिबोधक। किन्हीं चार = 4।
6. (क) अनुप्रास (ख) यमक ('कनक' = सोना/धतूरा) (ग) श्लेष ('पानी' के अनेक अर्थ) (घ) अनुप्रास ('त' की आवृत्ति) (ङ) अनुप्रास ('म' की आवृत्ति)। किन्हीं चार = 4।

खंड ग — पाठ्यपुस्तक

7. (क) [2] अनेक पीढ़ियों को; (ख) [3] व्यक्ति की नींव (संस्कार/परिश्रम) जितनी गहरी होगी, उसकी सफलता उतनी ही ऊँची; संतुलन का भाव; (ग) [2] परोपकारी स्वयं कष्ट सहकर दूसरों को सुख देता है।
8. (क) [2] बीती हुई दुखद बात को; (ख) [2] किसी प्रिय व्यक्ति/वस्तु/अवसर का; (ग) [3] बीते को भुलाकर आगे बढ़ने का जीवन-दर्शन। वास्तविक पाठ के अनुसार समायोजित करें।
9. प्रत्येक 2 अंक (विषयवस्तु 1 + भाषा 1), किन्हीं चार = 8।
10. 60-70 शब्द: विषयवस्तु 4 + क्रमबद्धता 2 + भाषा 2 = 8।

खंड घ — रचनात्मक लेखन

11. अनुच्छेद: विषयवस्तु 3 + भाषा/प्रस्तुति 2 = 5।
12. पत्र: प्रारूप 1 + विषयवस्तु 2 + भाषा 2 = 5।
13. संवाद: सहजता/स्वाभाविकता 3 + भाषा 2 = 5।
14. सूचना: प्रारूप (बॉक्स, शीर्षक, दिनांक, हस्ताक्षर) 2 + विषयवस्तु 2 + भाषा 1 = 5।
आंतरिक मूल्यांकन (20, पृथक): आवधिक परीक्षा 5 · बहुविध मूल्यांकन 5 · निवेश-सूची (Portfolio) 5 · विषय-संवर्धन गतिविधि 5।